खानाा बर्बाद न करें
दानिश दानिश बेटा क्या कर रहे हो। ये तुम्हारे हाथ
मैं क्या चीज है? दादा अब्बू ने सख्त लहजे में आवाज दी।
दादा अब्बू ये चीजें खराब हो गई हैं । इसलिये मैं उन्हें
कूड़े की टोकरी में फेंकने जा रहा हूं। दानिश ने जवाब दिया।
दिखाओ दादा अब्बू ने कहा।
दानिश ने अपने हाथ मे पकड़ी हुई
थैली दादा अब्बू को दे दी जिसमें ब्रयानी सलाद बगैरा थी।
दादा अब्बू ने सूंघकर कहा: ये तो
खराब नहीं हुए। तुम उसे दूसरे वक्त के लिये फ्रिज में रख देते। हैरत है बेटा कि
आपके नजदीक खाने की कोई अहमियत नहीं है।
दादा अब्बू मुझसे खया नहीं गया
था। दानिश ने अपनी सफाई पेश की।
नहीं बेटा बात दरअसल ये है कि
तुमने आंख खोली तो तुम्हें जिंदगी की तमाम आराम आसानी से मिले गये।
तुम्हें ये मालूम नहीं है कि ये
सब कितनी मेहनत का नतीजा है। ये खाना जो इंतिहाई बेहतरीन है, उसकी तुम्हारी नजर में कोई कद्र
नहीं है।
खैर इसमें तुम्हारा कोई कुसूर
नहीं है। अच्छा तुम मेरे साथ आओ।
दानिश सातवीं जमाअत का तालिक इल्म
था। वो एक अमीर घराने से तअल्लुक रखता था। इकलौता होने की वजह से उसको मां बाप और
दादा बहुत ज्यादा प्यार करते थे। स्कूल
भी वो अपनी गाड़ी में जाता था।
गाड़ी अब कच्चे पक्के रास्तों
पर दौड़ रही थी दूर दूर तक आबादी का कोई निशान नजर नहीं आ रहा था।
अब उन्हें कुछ खेमे नजर आए और फिर
धीरे धीरे वो खेमे नजदीक आ गये।
दादा अब्बू उतरे दानिश भी उतर
गया।
बहुत सारी औरतें, बच्चे और बूढ़े खुले आसमान तले
बैठे थे। ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उन्हें गर्मी की शिद्दत का कोई एहसास नहीं है।
एक औरत दौड़ती हुई उनके पास आई और
बोली: साहब मेरा बच्च दूध पीता है और दूध का डिब्बा और बहुत सी चीजें बर्बाद हो
गई हैं।
जब वो चली गई तो एक बूढ़ा उनके पास
आया। उसने कहा: साहब ये पागल हो गई है। उसका बेटा खाने की कमी की वजह से मर गया है
और उसका पति भी। मैं उसका बाप हूं।
देखो बेटा तुमने अभी जिंदगी का एक
रूख देखा है। दूसरा नहीं देखा यहां तुम्हें ऐसे लोग भी नजर आएंगे जिन्होंने कई
दिनों से कुछ नहीं खाया।
तुम्हारे हमउम्र दोस्त दिनभर में
अपने मां-बाप से न मालूम कितना जेब खर्च लेते हैं अगर उसमें कुछ इनको देदें तो ये
एक वक्त का खाना खा लें। दादा अब्बू की
ये बातें सुनकर दानिश को बहुत दुख: हुआ।
दूसरे दिन दानिश दादा अब्बू के
कमरे में आया और कहा: दादा जान आज फिर उसी जगह चलें। मैंने बहुत सी चीजें, एक कम्बल बहुत से कपड़े और कुछ
खाने पीने की चीजें जमा की है ताकि उन लोगों की मदद कर सकूं।
वाह मेरे बेटे तुमने मेरा दिल खुश कर दिया। दादा
अब्बू बोले और वो दोनों वहां चल दिये।

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